धूरी टकराव पर सियासी बवाल: रवनीत बिट्टू और पंजाब पुलिस विवाद ने पकड़ा तूल, AAP–भाजपा में तीखी बयानबाज़ी

धूरी टकराव पर सियासी बवाल: रवनीत बिट्टू और पंजाब पुलिस विवाद ने पकड़ा तूल, AAP–भाजपा में तीखी बयानबाज़ी

Ravneet Bittu–Punjab Police Dispute Escalates

Ravneet Bittu–Punjab Police Dispute Escalates

चंडीगढ़। Ravneet Bittu–Punjab Police Dispute Escalates, पंजाब निकाय चुनाव के दौरान धूरी में केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू और पंजाब पुलिस के बीच हुआ टकराव अब बड़े राजनीतिक विवाद में बदल गया है। मतदान खत्म होने के बाद सड़क पर हुई तीखी बहस, धक्का-मुक्की और आरोप-प्रत्यारोप की वीडियो वायरल होने के बाद प्रदेश की आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर चुनाव में गुंडागर्दी करने का आरोप लगाया है।

कांग्रेस ने भी मामले में भाजपा को घेरते हुए दावा किया कि बिट्टू ने एक पुलिस इंस्पेक्टर का गिरेबान तक पकड़ लिया। आप प्रदेशाध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा की धूरी में मतदान समाप्त होने के बाद रवनीत सिंह बिट्टू अपने समर्थकों के साथ इलाके से निकलने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें रोक लिया।

मौके पर भारी पुलिस बल, भाजपा कार्यकर्ता और मीडिया मौजूद थी। कैमरों के सामने बिट्टू पुलिस अधिकारियों पर भड़क उठे। अरोड़ा ने कहा कि चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद भी भाजपा से जुड़े बाहरी लोग धूरी और संगरूर में डटे रहे, जो चुनाव आयोग के नियमों का सीधा उल्लंघन है। अरोड़ा ने कहा कि जब पंजाब पुलिस ने नियमों के तहत कार्रवाई की तो भाजपा नेताओं ने दबाव बनाना शुरू कर दिया।

अमन अरोड़ा ने लगाए बिट्टू पर आरोप

अमन अरोड़ा ने आरोप लगाया कि रवनीत बिट्टू खुद मौके पर पहुंचकर पुलिस अधिकारियों से उलझ गए और वर्दीधारी कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की की। उन्होंने कहा कि भाजपा हर चुनाव में सरकारी तंत्र पर दबाव बनाने की कोशिश करती है और पंजाब में भी पश्चिम बंगाल जैसा माहौल बनाने का प्रयास किया गया। अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव करवाने के लिए प्रतिबद्ध है और कानून से ऊपर कोई नहीं है।

घटना के बाद भाजपा और आप नेताओं के बीच इंटरनेट मीडिया पर भी आरोपों का दौर तेज हो गया है। भाजपा नेताओं ने पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है, जबकि आप नेताओं का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने केवल अपनी ड्यूटी निभाई।

यह है पूरा मामला

मामला उस समय और गर्मा गया जब बिट्टू ने पुलिस कर्मचारियों पर वर्दी में गुंडागर्दी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सिविल ड्रेस में मौजूद लोगों ने उनकी बांह मरोड़ी और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की।

बिट्टू ने गुस्से में कहा, तुम पुलिस वाले हो या सरकारी गुंडे? हमें क्या पता तुम कर्मचारी हो, हमें तो गुंडे लग रहे हो। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने भाजपा नेता ओंकार सिंह को हिरासत में लिया और कार्यकर्ताओं को डराने का प्रयास किया।

घटनास्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बिट्टू को समझाने की कोशिश की, लेकिन केंद्रीय मंत्री लगातार प्रशासन पर निशाना साधते रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर हमला बोलते हुए कहा, यह चार महीने की सरकार अहंकार में है। पंजाब में वही माहौल बनाया जा रहा है जो पश्चिम बंगाल में देखने को मिलता है। बिट्टू ने यहां तक कह दिया कि मैं सुबह छह बजे ही मन बनाकर आया था कि आज खाकी से टकराना है।

बिट्टू ने पुलिस पर भाजपा समर्थकों को पीटने का आरोप लगाते हुए कहा कि आप लोग अंदर डंडे मार लेते हो, सड़क पर नहीं मार सकते। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब पुलिस गैंगस्टरों और नशा तस्करों पर कार्रवाई करने के बजाय राजनीतिक दबाव में आम लोगों को परेशान कर रही है। केंद्रीय मंत्री ने पुलिस कर्मचारियों को चुनौती देते हुए कहा कि हम आपके पर्चों और जेल से नहीं डरते, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से बेल करवा लेंगे।